#Step 4

# भुजंगासन

भुजंगासन, सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से 8वां है। भुजंगासन को सर्पासन,सर्प मुद्रा भी कहा जाता है। इस मुद्रा में शरीर सांप की आकृति बनाता है।
भुजंगासन का अभ्यास खाली पेट ही करना चाहिए।
विधि
भुजंगासन करने के लिए सर्वप्रथम पेट के बल लेट जाइए,इसके बाद हथेली को कंधे के नीचे रखिए,अपने दोनों पैरों को पीछे की तरफ खींचते हुए सीधा रखिए और दोनों पैरों में दूरी नहीं होनी चाहिए!. इसके बाद साँस लें और शरीर के अगले भाग को ऊपर की और उठाएं,इस वक्त एक बात का ध्यान रखें की कमर पर ज्यादा खिंचाव ना आए, 10-20 सेकंड्स के लिए इसी अवस्था में बने रहिए,फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं शुरुआती दिनों में दो से तीन बार इसे करिए और फिर धीर-धीरे बढ़ा दें !

भुजंगासन के लाभ
1.पीठ दर्द के लिए लाभकारी है
2.बढ़े हुए पेट को कम करने में
3.कंधे और गर्दन के तनाव को दूर करने मे लाभकारी
4.फेफड़ों को मजबूत बनाए
5.कूल्हों की मांसपेशियों को मजबूत करें!

सावधानियां
1.अधिक कमर दर्द में इस योग को नहीं करना चाहिए।
2.गर्ववती महिलाओं को इस योग के करने से बचना चाहिए ।
3.हर्निया एवं अलसर से पीड़ित रोगियों को यह योग नही करना चाहिए!
4.अपनी क्षमता के अनुसार करिए!
5.आसन करते समय अपने सर को पीछे की ओर ज्यादा ना झुकाएं वरना मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है।

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