
किसी भी योग से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही तरीके से अभ्यास करना बहुत आवश्यक माना जाता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले क्रॉस लेग वाली मुद्रा में बैठ जाएं। इसमें अपने दाएं पैर को बाएं पैर की जांघों के ऊपर रखें। अब अपने दाएं हाथ को कंधे के ऊपर करें और कोहनी को पीठ के पीछे जितना अधिक हो सकता हैं ले जाएं। फिर बाईं कोहनी के पीछे की ओर लाकर दोनों हाथों को मिलाएं। इस स्थिति में कुछ देर रहें और गहरी सांस का अभ्यास करें। अब दोबारा पूर्ववत स्थिति में आ जाएं।
गोमुखासन योग से लाभ। 1. चिंता और तनाव को कम करने वाला अभ्यास है। 2. हाई ब्लड प्रेशर का इलाज किया जा सकता है। 3. इस योगासन से पीठ, कूल्हे, टखनों, कंधों, जांघों, ट्राइसेप्स और छाती की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। 4. इसके नियमित अभ्यास से आप कमर दर्द के परेशानियों से राहत पा सकते हैं! 5.यह पैर में ऐंठन को कम करता है और पैर की मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है!
सावधानियां। 1. अगर पीठ के पीछे हाथ को पकड़ने में परेशानी हो रही है तो जबरदस्ती ना करें! 2. रीढ़ की हड्डी में किसी भी प्रकार की समस्या या दर्द हो तो इस आसन को ना करें! 3. अगर आपको कंधे, गर्दन, घुटने में दर्द है तो आप इस आसन को ना करें ! 4.गर्भवती महिला इस आसन को ना करें। 5. गोमुखासन का समय अभ्यास के साथ धीरे-धीरे बढ़ाना है।


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