
जमीन पर दोनों पैरों को एकदम सीधे फैलाकर बैठ जाएं!
दोनों पैरों के बीच में दूरी न हो और जितना संभव हो पैरों को सीधा रखें!
इसके साथ ही गर्दन, सिर और रीढ़ की हड्डी को भी सीधा रखें!
इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को दोनों घुटनों (Knees) पर रखें!
अब अपने सिर और धड़ (Trunk) को धीरे से आगे की ओर झुकाएं!
घुटनों को बिना मोड़े हाथों से पैरों की उंगलियों को छूने की कोशिश करें!
गहरी श्वास लें और धीरे से श्वास को छोड़ें!
अपने सिर और माथे को दोनों घुटनों से छूने की कोशिश करें!
बांहों को झुकाएं और कोहनी ((Elbow) से जमीन को छूने की कोशिश करें!
श्वास को पूरी तरह छोड़ दें और इसी मुद्रा में कुछ देर तक बने रहें!
कुछ सेकेंड के बाद वापस पहली वाली मुद्रा में आ जाएं!
अब सामान्य रूप से श्वास लें और इस आसन को 3 से 4 बार दोहराएं!
पश्चिमोत्तानासन के लाभ 1.पेट की चर्भी कम करने में सहायक 2.शरीर को लचीला बनाने में सहायक 3.तनाव और चिंता दूर करने में सहायक 4.पेट की परेशानियों के लिए फायदेमंद 5.रक्त संचार में सुधार करे पश्चिमोत्तानासन
सावधानियां 1.गंभीर कमर दर्द वाले लोगों को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए! 2.भोजन करने के तुरंत बाद इस आसन का अभ्यास कभी न करें! 3.पश्चिमोत्तासन के अभ्यास से पहले थोड़ी बॉडी स्ट्रेचिंग अवश्य करें! 4.इस आसन को करते समय किसी प्रकार की कोई जोर जबरदस्ती न करें! 5.घुटनों व जोड़ों के दर्द से जूझ रहे लोगों को भी पश्चिमोत्तासन का अभ्यास नही करना चाहिए!
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